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New 2026 KIA SELTOS से इस तारीख को उठेगा पर्दा, कंपनी ने जारी किया टीजर, जानें क्या है चर्चा!

जारी टीजर से यह संकेत जरूर मिलता है कि 2026 Seltos का नया लुक आने वाला है। फ्रंट से लेकर रीयर तक में काफी सारे कॉस्मैटिक बदलाव भी किए जाने की चर्चा है। 2026 KIA SELTOS फेसलिफ़्ट आखिरकार सामने आ गई है। कंपनी ने इसका टीजर जारी किया है। इस कार की आगामी 10 दिसंबर को ग्लोबल प्रीमियर है। खबर के मुताबिक, इस बार किआ ने ग्राहकों की पसंद को समझकर बदलाव काफी कुछ बदलाव किए हैं। नया मॉडल पहले से ज्यादा शार्प, ज्यादा प्रीमियम और टेक्नोलॉजी से भरपूर है, वहीं फीचर्स जो आमतौर पर महंगी एसयूवी में देखने को मिलतें हैं, इसमें भी मिलेंगे। upea के मुताबिक, फ्रेश डिजाइन, अपडेटेड केबिन और एडवांस फीचर्स के साथ नई सेल्टोस युवाओं और फैमिली बायर्स को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। इसकी कीमत भी काफ़ी कॉम्पिटिटिव रहने वाली है। 2026 Kia Seltos Facelift का डिजाइन जारी टीजर से यह संकेत जरूर मिलता है कि 2026 Seltos का नया लुक आने वाला है। फ्रंट पर अब बड़ा ग्रिल, स्लिम LED हेडलाइट्स और मॉडर्न DRL सेटअप हो सकता है, जो इसे नेक्स्ट-जेन अपील देता है। साइड प्रोफ़ाइल पहले जैसी क्लीन है, लेकिन नए स्पोर्टी अलॉय व्हील्स इसे और मॉ...

Bitcoin 1,10,91,250 रुपये पार, लेकिन जर्मन सरकार ने गंवा दिया $3.57 बिलियन डॉलर का मुनाफा!

 जर्मन सरकार ने 50 हजार बिटकॉइन को आज बेचा होता तो उनकी वैल्यू 6.27 (1,25,000 डॉलर*50,000 बिटकॉइन) बिलियन डॉलर से ज्यादा होती. यानि जर्मन सरकार ने करीब 3.57 बिलियन डॉलर कमाने का मौका गवां दिया.

Bitcoin Breaks New Record Price: दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन (Bitcoin) ने एक बार फिर सभी को चौंकाते हुए अपनी कीमत में जोरदार उछाल दर्ज किया है. 5 अक्टूबर 2025 को बिटकॉइन की कीमत $1,25,000 (लगभग ₹1.11 करोड़) के ऐतिहासिक स्तर को पार कर गई, जिससे इसने अपना ऑल टाइम हाई रिकॉर्ड बना दिया है.

जर्मन सरकार को हुआ 3.57 बिलियन डॉलर का नुकसान

दरअसल जर्मन सरकार ने लगभग 50,000 बिटकॉइन की बिक्री साल 2024 में की थी, जिसे उन्होंने पाइरेसी वेबसाइट 'Movie2K' से जब्त किया था. बिक्री से जर्मन सरकार को लगभग 2.88 बिलियन डॉलर मिले थे, जिसकी औसत कीमत लगभग 57,600 डॉलर प्रति बिटकॉइन थी. ऐसे में अगर सरकार ने इन क्रिप्टोकरेंसी को आज बेचा होता तो उनकी वैल्यू 6.27 (1,25,000 डॉलर*50,000 बिटकॉइन) बिलियन डॉलर से ज्यादा होती. यानि जर्मन सरकार ने करीब 3.57 बिलियन डॉलर कमाने का मौका गवां दिया.

क्या है बिटकॉइन?

बिटकॉइन एक क्रिप्टोकरेंसी है जो किसी सरकार या बैंक के नियंत्रण से बाहर काम करती है. इसे ब्लॉकचेन तकनीक का उपयोग करके बनाया गया है.

बिटकॉइन की तेजी के पीछे क्या हैं वजहें?

बाजार के जानकारों के अनुसार, इस तेजी के पीछे कई बड़े कारण हैं. जिसमें सबसे बड़ी वजह  है  संस्थागत निवेशकों (Institutional Investors) की बढ़ती दिलचस्पी. अमेरिकी बिटकॉइन ETF में अब तक 50 बिलियन डॉलर से ज्यादा का नेट इनफ्लो हो चुका है. सिर्फ BlackRock ने ही अब तक 65 बिलियन डॉलर से ज्यादा बिटकॉइन खरीदा है.इसके अलावा, कंपनियां भी अपनी बैलेंस शीट में बिटकॉइन जोड़ रही हैं. यह दर्शाता है कि बिटकॉइन अब सिर्फ एक ट्रेडिंग टूल नहीं, बल्कि लंबे समय के निवेश का एक अहम जरिया बनता जा रहा है.

भारत में बिटकॉइन

भारतीय बाजार में एक बिटकॉइन की कीमत लगभग 1.11 करोड़ रुपये चल रही है. बिटकॉइन पिछले सात दिनों में 12%-15% तक का मजबूत रिटर्न दे चुका है, जो निवेशकों के बढ़ते भरोसे को दर्शाता है.

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