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New 2026 KIA SELTOS से इस तारीख को उठेगा पर्दा, कंपनी ने जारी किया टीजर, जानें क्या है चर्चा!

जारी टीजर से यह संकेत जरूर मिलता है कि 2026 Seltos का नया लुक आने वाला है। फ्रंट से लेकर रीयर तक में काफी सारे कॉस्मैटिक बदलाव भी किए जाने की चर्चा है। 2026 KIA SELTOS फेसलिफ़्ट आखिरकार सामने आ गई है। कंपनी ने इसका टीजर जारी किया है। इस कार की आगामी 10 दिसंबर को ग्लोबल प्रीमियर है। खबर के मुताबिक, इस बार किआ ने ग्राहकों की पसंद को समझकर बदलाव काफी कुछ बदलाव किए हैं। नया मॉडल पहले से ज्यादा शार्प, ज्यादा प्रीमियम और टेक्नोलॉजी से भरपूर है, वहीं फीचर्स जो आमतौर पर महंगी एसयूवी में देखने को मिलतें हैं, इसमें भी मिलेंगे। upea के मुताबिक, फ्रेश डिजाइन, अपडेटेड केबिन और एडवांस फीचर्स के साथ नई सेल्टोस युवाओं और फैमिली बायर्स को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। इसकी कीमत भी काफ़ी कॉम्पिटिटिव रहने वाली है। 2026 Kia Seltos Facelift का डिजाइन जारी टीजर से यह संकेत जरूर मिलता है कि 2026 Seltos का नया लुक आने वाला है। फ्रंट पर अब बड़ा ग्रिल, स्लिम LED हेडलाइट्स और मॉडर्न DRL सेटअप हो सकता है, जो इसे नेक्स्ट-जेन अपील देता है। साइड प्रोफ़ाइल पहले जैसी क्लीन है, लेकिन नए स्पोर्टी अलॉय व्हील्स इसे और मॉ...

बिना चीनी वाला आंवला मुरब्बा!

 यह विषय घरेलू रसोई से बनी रसोई और आम जनता के लिए उपयोगी है। हरी बूटी जिसे हम भारतीय गूसबेरी भी कहते हैं, विटामिन सी से भरपूर एक बहुत ही अद्भुत फल है। यह हमारी रोग संरचना क्षमता को बढ़ाने, बालों और त्वचा को स्वस्थ बनाए रखने, पाचन तंत्र और पाचन तंत्र को मजबूत बनाने में विशेष भूमिका निभाता है।

समुद्र के मौसम में व्याधियाँ आसानी से मिल जाती हैं और इससे बने व्यंजन स्वास्थ्य विज्ञान संबंधी औषधालय बन जाते हैं। आम तौर पर लोग आंवले का मुरब्बा गुड़ या शकर से तोड़ते हैं, लेकिन आज हम आपको बिना गुड या शकर के 10 मिनट में तैयार होने वाली एक आसान और पारंपरिक रेसिपी क्लासिक सिखाते हैं।

यह रेसिपी उन लोगों के लिए है जो तेजी से बढ़ते वजन की समस्या से जूझ रहे हैं और अपने खान-पान में शुगर से जुड़े हुए हैं। किसी भी प्रकार का कृत्रिम स्वीटनर का प्रयोग नहीं किया जाएगा, बल्कि प्राकृतिक स्वाद और आंवले के खटास-मीठा से ही इसका स्वाद लाजवाब बन जाएगा। जानिए कैसे बनाएं यह बिना गुड़ या शक्र वाला मसाला मुरब्बा।

बिना चीनी वाला मुरब्बा 2025

सबसे पहले आपके लिए यह जरूरी है कि आम तौर पर मुरब्बा, चीनी की चाशनी या गुड़ की रबड़ी बनाई जाती है, जिससे उसकी

बनाने की विधि

  1. सबसे पहले दोस्तों को अच्छे से धोकर सुखा लें।
  2. अब एक स्वादिष्ट में पानी गर्म और आँवलों को शामिल करें 4 से 5 मिनट तक ताकि वे तुरंत नखरे हो जाएँ।
  3. जब आँवले को हल्की ठंड हो गई तो उनके बीच से विषैले बीज निकाल दिए गए।
  4. अब एक पैन में आधा कप पानी डाला और बाकी मिले आवेले दाल।
  5. इसमें शहद, नींबू का रस, इलायची और दालचीनी का पाउडर 7 से 8 मिनट की दूरी पर है।
  6. इस दौरान आँवले का रस बाहर आएगा और छोटा और छोटा हो जाएगा।
  7. जब इसका असर हो जाए तो गैस बंद कर दें और उसे ठंडा कर लें।

आपका बिना गुड़ या शेक वाला विशेष मुरब्बा तैयार है। इसे कांच के साफ जार में पिज्जा में रख सकते हैं। यह 15-20 दिन तक आसानी से सुरक्षित रहता है।

 स्वाद और घनत्व बढ़ जाता है। लेकिन यह रेसिपी युवाओं को वही स्वाद प्राकृतिक रूप में लाने की विधि सिखाती है। शुगर की जगह ऐसे प्राकृतिक तत्व मिलते हैं जो स्वाद के साथ स्वास्थ्य भी देते हैं।

आवश्यक सामग्री

इस आसान मुरब्बे को बनाने के लिए आपको नीचे दी गई सामग्री चाहिए:

  • आँवले – 250 ग्राम (लगभग 8-10 मध्यम आकार के)
  • शहद - 4 से 5 बड़ा शहर (स्वाद ग्राहक)
  • नींबू का रस - 1 बड़ा चम्मच
  • इलायची पाउडर – आधा भाग
  • दालचीनी पाउडर - एक चुटकी
  • पानी - लगभग आधा कप

यहां प्राकृतिक निर्माण का काम और शरीर को ऊर्जा के साथ रोग निर्माण की क्षमता भी मिलती है। दोस्ती का रस आँवले के साथ स्वाद स्थिर रहता है और मुरब्बे को लंबे समय तक टिकने में मदद मिलती है।

लाभ और स्वास्थ्य लाभ

यह मुरब्बा सिर्फ स्वादिष्ट ही नहीं बल्कि बेहद ही असामान्य भी है। आंवले में एंटीऑक्सीडेंट, कैल्शियम, सीरम और विटामिन सी पाए जाते हैं जो शरीर को मुक्त क्षमता से लड़ने की क्षमता प्रदान करते हैं। शहद का प्रयोग इसे और भी प्रभावशाली रचनाकार बनाता है क्योंकि यह प्राकृतिक प्राकृतिक एंटीबायोटिक और ऊर्जा बूस्टर होता है।

यह मुरब्बा सुबह खाली पेट या भोजन के साथ लेने से पाचन और रोग निर्माण क्षमता में सुधार होता है। साथ ही यह त्वचा को चमक प्रदान करता है और बालों के झड़ने की समस्या में सहायक होता है।

जिन लोगों को हाई शुगर या वर्कर्स की समस्या रहती है, उनके लिए यह रेसिपी विशेष रूप से पसंद आती है क्योंकि इसमें किसी भी तरह का शुगर या गुड़ नहीं डाला जाता है। शहद की प्राकृतिक मर्दाना शरीर को किसी नुकसान के बिना स्वाद प्रदान करता है।

सुरक्षित रखने का उपाय

अगर आप इसे लंबे समय तक इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो कुछ सावधानियां जरूरी हैं। सबसे पहले जार को हमेशा साफ और सूखा रखें। मुरब्बा से पहले उसे धूप में या गर्म पानी से साफ कर सुखाएं ताकि कोई भी सिद्धांत न रहे।

हर बार जब आप मुब्बा कहते हैं, तो घटिया और साफ-सुथरा सामान का उपयोग करें, तो जरा भी मस्त या बिकाऊ न हो। इसे फ़र्ज़ी में रखें, और ठंडी जगह पर ही संग्रह करें।

यदि आप इसे बिना फ़ार्ज़ी के रखना चाहते हैं, तो शहद की मात्रा थोड़ी बढ़ सकती है, ताकि यह प्राकृतिक रूप से स्थिर बन जाये।

कुछ रोचक बातें

मिश्रित भारत में हजारों वर्षों से आयुर्वेद का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। इसे "अमृत फल" इसलिए कहा गया है क्योंकि यह शरीर के कई तत्वों को जड़ से ख़त्म करने की क्षमता रखता है।
यह, पाचन, दृष्टि, और रक्त शर्करा स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता है।
आंवले का मुरब्बा एक स्वादिष्ट रूप है जिसे हर युवा वर्ग का व्यक्ति आसानी से खा सकता है।

खास बात यह है कि दिल और दिमाग दोनों एक साथ हैं। इसमें नियमित आहार में शरीर को ताजगी और स्फूर्ति शामिल है।

निष्कर्ष

बिना गुड़ या शक़्कर वाला स्पेशलिटी मुरब्बा स्वाद, स्वास्थ्य और परंपरा का सबसे अच्छा मेल है।
यह 10 मिनट की आसान रेसिपी आपको लगभग स्वस्थ्य लाभ का आनंद देती है।
यदि आप भी अपने सामान को मशीनरी और शुगर-फ्री बनाना चाहते हैं, तो यह मुरब्बा आपके लिए आदर्श विकल्प साबित होगा।



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