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New 2026 KIA SELTOS से इस तारीख को उठेगा पर्दा, कंपनी ने जारी किया टीजर, जानें क्या है चर्चा!

जारी टीजर से यह संकेत जरूर मिलता है कि 2026 Seltos का नया लुक आने वाला है। फ्रंट से लेकर रीयर तक में काफी सारे कॉस्मैटिक बदलाव भी किए जाने की चर्चा है। 2026 KIA SELTOS फेसलिफ़्ट आखिरकार सामने आ गई है। कंपनी ने इसका टीजर जारी किया है। इस कार की आगामी 10 दिसंबर को ग्लोबल प्रीमियर है। खबर के मुताबिक, इस बार किआ ने ग्राहकों की पसंद को समझकर बदलाव काफी कुछ बदलाव किए हैं। नया मॉडल पहले से ज्यादा शार्प, ज्यादा प्रीमियम और टेक्नोलॉजी से भरपूर है, वहीं फीचर्स जो आमतौर पर महंगी एसयूवी में देखने को मिलतें हैं, इसमें भी मिलेंगे। upea के मुताबिक, फ्रेश डिजाइन, अपडेटेड केबिन और एडवांस फीचर्स के साथ नई सेल्टोस युवाओं और फैमिली बायर्स को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। इसकी कीमत भी काफ़ी कॉम्पिटिटिव रहने वाली है। 2026 Kia Seltos Facelift का डिजाइन जारी टीजर से यह संकेत जरूर मिलता है कि 2026 Seltos का नया लुक आने वाला है। फ्रंट पर अब बड़ा ग्रिल, स्लिम LED हेडलाइट्स और मॉडर्न DRL सेटअप हो सकता है, जो इसे नेक्स्ट-जेन अपील देता है। साइड प्रोफ़ाइल पहले जैसी क्लीन है, लेकिन नए स्पोर्टी अलॉय व्हील्स इसे और मॉ...

सम्राट राणा ने रचा इतिहास!

 भारतीय अमीरात के सम्राट राणा ने 20 वर्ष की आयु में काहिरा में 10 वर्ष की आयु में पुरुषों की 10 वर्ष की आयु में एमएस एसएफएफ विश्व चैंपियनशिप का आयोजन किया। वे इस ओलंपिक विशेष में विश्व खिताब जीतने वाले पहले भारतीय ओलंपिक चैंपियनशिप बन गए। राणा ने केवल व्यक्तिगत स्वर्ण पदक नहीं जीता, बल्कि टीम स्पोट्र्स में भी भारत को गोल्डन मेडल दिलाया, जिससे भारतीय स्ट्रेंथ के लिए यह एक ऐतिहासिक दिन बन गया।


ऐतिहासिक एसआईएसआई स्टाफ व्यवस्था

यह भारत को लंबे समय तक जिताने का प्रयास था। अब तक भारत ने ओलंपिक वर्ग में कभी भी व्यक्तिगत विश्व खिताब नहीं जीता है। राणा की यह उपलब्धि उस समय थी जब भारत ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन करते हुए मेडल में प्रमुख बढ़त हासिल की थी।

फाइनल का रोमांचक सफर

फाइनल में सम्राट राणा और चीन के हू काई के बीच कड़ा मुकाबला हुआ। राणा ने 243.7 अंकों के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि हू काई 243.3 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहे। भारत के वरुण तोमर ने 221.7 अंक के साथ कांस्य पदक हासिल किया। फाइनल के अंतिम दौरों में राणा का संयम और अंतिम दौर में रहना जारी रहा।

टीम गोल्डन और क्वाल-सहायक में

टीम इंडिया ने टूर्नामेंट में कुल 1754 अंकों के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस टीम में सम्राट राणा (586), वरुण तोमर (586) और श्रवण कुमार (582) शामिल थे। और जर्मनी क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। क्वाल असिस्ट में भी राणा ने 27 इनर-10 के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया, जबकि तोमर 26 इनर-10 के साथ दूसरे स्थान पर रहे।

खबर से जुड़े जिके तथ्य

  • सम्राट राणा ने 243.7 अंकों के साथ 10 मीटर एयर वर्ल्ड खिताब जीता।
  • के हो काई (243.3) ने रजत और भारत के वरुण तोमर (221.7) ने कांस्य चीन पदक जीता।
  • यह पहली बार था जब दो भारतीयों ने एक ही विश्व नामांकन नामांकन में पदक जीता।
  • टीम इंडिया (राणा, तोमर, श्रवण) ने 1754 अंकों के साथ स्वर्ण पदक जीता।
  • राणा और तोमर दोनों ने क्वॉल असिस्टेंट में 586 नंबर बनाए, राणा इनार-10 पर आगे रहे।
  • सम्राट राणा की यात्रा और प्रेरणा

    हरियाणा के करनाल निवासी सम्राट राणा ने अपने पिता के मार्गदर्शन में निशानेबाज़ी की शुरुआत की। उन्होंने जूनियर स्तर पर कई सफलताएँ अर्जित कीं और अब उसी काहिरा में सीनियर स्तर पर स्वर्ण जीतकर अपने करियर का सर्वोच्च मुकाम हासिल किया। इस जीत ने न केवल हू काई की विजयी लय को तोड़ा, बल्कि भारत की पिस्टल निशानेबाज़ी में गहराई और नई पीढ़ी की ताकत को भी प्रदर्शित किया।

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