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New 2026 KIA SELTOS से इस तारीख को उठेगा पर्दा, कंपनी ने जारी किया टीजर, जानें क्या है चर्चा!

जारी टीजर से यह संकेत जरूर मिलता है कि 2026 Seltos का नया लुक आने वाला है। फ्रंट से लेकर रीयर तक में काफी सारे कॉस्मैटिक बदलाव भी किए जाने की चर्चा है। 2026 KIA SELTOS फेसलिफ़्ट आखिरकार सामने आ गई है। कंपनी ने इसका टीजर जारी किया है। इस कार की आगामी 10 दिसंबर को ग्लोबल प्रीमियर है। खबर के मुताबिक, इस बार किआ ने ग्राहकों की पसंद को समझकर बदलाव काफी कुछ बदलाव किए हैं। नया मॉडल पहले से ज्यादा शार्प, ज्यादा प्रीमियम और टेक्नोलॉजी से भरपूर है, वहीं फीचर्स जो आमतौर पर महंगी एसयूवी में देखने को मिलतें हैं, इसमें भी मिलेंगे। upea के मुताबिक, फ्रेश डिजाइन, अपडेटेड केबिन और एडवांस फीचर्स के साथ नई सेल्टोस युवाओं और फैमिली बायर्स को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। इसकी कीमत भी काफ़ी कॉम्पिटिटिव रहने वाली है। 2026 Kia Seltos Facelift का डिजाइन जारी टीजर से यह संकेत जरूर मिलता है कि 2026 Seltos का नया लुक आने वाला है। फ्रंट पर अब बड़ा ग्रिल, स्लिम LED हेडलाइट्स और मॉडर्न DRL सेटअप हो सकता है, जो इसे नेक्स्ट-जेन अपील देता है। साइड प्रोफ़ाइल पहले जैसी क्लीन है, लेकिन नए स्पोर्टी अलॉय व्हील्स इसे और मॉ...

चीन और जापान के बीच बढ़ा तनाव, प्रधानमंत्री से टिप्पणी वापस लेने की मांग पर अड़ा चीन!

 इस समय चीन और जापान के बीच तनाव बढ़ा हुआ है.

जापान की प्रधानमंत्री सनाई तकाइची ने सात नवंबर को कहा था कि अगर चीन ताइवान को अपने नियंत्रण में लेने के लिए लड़ता है, तो इससे जापान के अस्तित्व पर संकट की स्थिति पैदा हो सकती है.

ऐसी स्थिति में जापान को क़ानूनी कवच मिल जाता है कि वह अमेरिका की सहमति से सेना की तैनाती करे.

चीन दरअसल ताइवान को अपना हिस्सा मानता है और दुनिया के जो भी देश वन चाइना पॉलिसी को मानते हैं, उनका ताइवान से कोई स्वतंत्र राजनयिक संबंध नहीं है.

जापानी प्रधानमंत्री के इस बयान पर चीन आगबबूला हो गया और उसने कड़ा विरोध जताया.चीन ने न केवल कूटनीतिक तौर पर विरोध जताया, बल्कि बात आर्थिक प्रतिबंधों से लेकर संयुक्त राष्ट्र तक पहुँच गई है.

चीन ने अपने नागरिकों को जापान न जाने की चेतावनी भी जारी की है.

हालाँकि बीते बुधवार को जापान की संसद में तकाइची के बयान को लेकर बहस हुई और मुख्य विपक्षी पार्टी ने इस मामले को शांत करने की कोशिश की.इस महीने की शुरुआत में सात नवंबर को जापान की एक संसदीय बैठक के दौरान एक विपक्षी सांसद ने तकाइची से पूछा कि ताइवान से जुड़ी कौन सी परिस्थितियाँ जापान के लिए 'वजूद पर ख़तरा' मानी जाएँगी.

तकाइची ने जवाब दिया, "अगर युद्धपोतों और बल का इस्तेमाल हो, तो चाहे आप इसे किसी भी तरह से देखें, यह वजूद के ख़तरे की स्थिति बन सकती है."

दरअसल जापान के 2015 के सुरक्षा क़ानून में 'वजूद के लिए ख़तरे की स्थिति' एक टर्म है, जिसका मतलब है कि अगर सहयोगियों पर हमला होता है तो यह जापान के वजूद के लिए ख़तरा पैदा करता है और इस स्थिति में जापान अपने सैन्य बल तैनात कर सकता है.

तकाइची के बयान पर चीन ने तुरंत नाराज़गी जताई और चीन के विदेश मंत्रालय ने इसे 'बेहद गंभीर' बताया.

अगले दिन, जापान के ओसाका शहर में चीन के काउंसलर जनरल श्वे चियान ने एक्स पर तकाइची के बयान वाली एक ख़बर को साझा करते हुए टिप्पणी की.

श्वे चियान की टिप्पणी को 'बेहद अनुचित' बताते हुए जापान ने विरोध जताया. हालाँकि चियान ने बाद में इस टिप्पणी को डिलीट कर दिया.

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